Famous Cricket Umpires, क्रिकेट की दुनिया के प्रसिद्ध अम्पायर्स

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अम्पायर्स मैच के दौरान काफी अहम् भूमिका निभाते है। इनके न सिर्फ एक फैसले से जीत हार का फर्क पैदा होता है। बल्कि करोड़ो क्रिकेट प्प्रेमियों के दिल टूटते और जुड़ते है। केवल इनके एक इशारे पर। आइये इन अम्पायरो को करीब से जानते है। वीडियो देखें लेख के अंत में

1 . टोनी हिल

इनका पूरा नाम एंथोनी लायड हिल है। 25 जून 1951 में न्यूज़ीलैण्ड के ऑकलैंड में इनका जन्म था। टोनी  हिल का अम्पायरिंग का सफर काफी मज़ेदार रहा है।

इन्होने अम्पायरिंग की शुरआत 1998 में न्यूज़ीलैण्ड और ज़िम्बाम्बे के बिच खेले गए एक दिवसीय मैच  से की थी। टोनी  हिल अपने सटीक फैसलों के लिए मशहूर थे। इन्होने 17 टी 20 , 40 टेस्ट मैचों में भी अम्पायरिंग की है। 2013 की एशेज सीरीज में उन्होंने अपने करियर के अंतिम क्षणों  में कई गलत निर्णय भी दिए जिसके बाद उन्होंने सन्यास लेना उचित समझा और लिया भी

2. डेरल  हेयर

ऑस्ट्रेलिआई डेरल हेयर एक ऐसा है। जो अपने सख्त फैसलों के लिए विश्व क्रिकेट में जाना जाता है साल 2006 में इंग्लैंड में , इंग्लैंड और पाकिस्तान की टीम आमने सामने थी तब अंपायर डेरल को पाकिस्तानी गेंदबाजों के द्वारा गेंद  छेड़छाड़ करने  शक हुआ

डेरल हेयर ने इस पर कड़ा फैसला लेते हुए बल्लेबाज़ी कर रही इंग्लैंड की टीम को न सिर्फ 5 रन अतिरिक्त दिए बल्कि गेंद भी बदल दी थी। इस पर नाराज पाकिस्तान के खिलाड़िओं ने टी ब्रेक के बाद मैदान में  मना दिया। डेरल हेयर  की पारखी नज़र से महान स्पिनर मुरलीधरन भी बच नहीं पाए , डेरल हेयर ने उन्हें तीन ओवर गेंद फेकने के दौरान सात मरतबा नो बॉल दिया था। डेरल हेयर का मानना था की मुरलीधरन बोलिंग करते हुए पूरा हाथ नहीं घुमाते बल्कि वह थ्रो करते है

3. बिली  बोडेन

न्यूज़ीलैण्ड के बिली बोडेन अपने फैसलों के साथ साथ अपने हसमुख अंदाज़ और खास स्टाइल के लिए मैदान में काफी लोकप्रिय रहे है। बल्लेबाज़ों के द्वारा जब गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचाया जाता है। तब सबकी नजरे बस बिली बोडेन पर रहती है क्योकि वे अपने उंगली को मोड़कर सिक्स और चौके का इशारा करते है। यह उनका ट्रेडमार्क बन चूका है। बोडेन अपनी जवानी में तेज गेंदबाज थे पर उन्हें गढ़िया की बीमारी हो गयी जिसके चलते उन्होंने क्रिकेट छोड़ दिया उनके हाथ पांव पूरी तरह से  मूड नहीं पाते , परंतु उनका यह अंदाज़ लोगो  को पसंद है। और लोग उनके अम्पायरिंग के दीवाने है।

4. अलीम डार

30 साल की उम्र में अम्पायरिंग की पारी शुरू करने वाले अलीम डार का पूरा नाम अलीम सरवर डार है। पाकिस्तान के अलीम डार की गिनती आईसीसी के सबसे सफल अम्पायरो में  जाती है। 2011 के वर्ल्ड कप के दौरान दिए गए अपने सटीक 15 फैसलों के कारण उनका कद काफी बढ़ा फैसलों के बाद असंतुस्ट कप्तानों ने डीआरएस का सहारा लिया परंतु अंपायर अलीम डार के सभी फैसले सही पाए गये। महत्पूर्ण बात यह है की अलीम डार कभी भी बल्लेबाज़ों के आउट होने पर उन्हें अपने सीधे हाथ की उंगली से इशारा नहीं करते हमेशा अपने बाएं हाथ की उंगली का ही प्रयोग करते है। दरअसल उनका मानना है की सीधे हाथ की उंगली का प्रयोग नमाज़ के वक़्त किया जाता है। इसलिए कभी भूल वश इस उंगली से गलत फैसला हो गया तो वे पाप के भागी बन सकते है। और वे  यह नहीं चाहते इसलिए वे बाएं हाथ की उंगली का ही प्रयोग करते है।

5. स्टीव बकनर

वेस्ट इंडीज के जमैका से वर्ल्ड अंपायरिंग की शुरुवात करने वाले स्टीव बकनर  अम्पायर बनने से पहले हाई स्कूल में गणित के अध्यापक थे।  साथ ही स्कूल के बच्चों को फुटबॉल भी सिखाते थे।  १०० से ज्यादा मैचों में अम्पायरिंग करने के लिए उन्हें “गोल्ड बैज ” अवार्ड से नवाजा गया था।  बहुत ही काम लोगों को पता है की स्टीव बकनर क्रिकेट में वर्ल्डकप में अम्पायरिंग के साथ साथ फीफा फुटबॉल वर्ल्डकप में भी रेफरी का रोल निभाने का अनुभव भी प्राप्त  कर चुके है |1988 फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप में नेथरलैंड और सेल्वाडोर के बिच खेले गए मैच में वे रेफरी थे

ये थे क्रिकेट की दुनिया के प्रसिद्ध अंपायर जो अपने सही फैसले और अलग अंदाज़ के लिए जाने जाते है

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