Mariana Trench Mystery समुद्र की असली गहराई और ख़ौफ़नाक जीवों का सच

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mariana trench

क्या आपने कभी सोचा है कि कितना गहरा हो सकता है समुद्र ?

आज आपको दुनिया की सबसे गहरी जगह “Deepest point on earth ” के बारे में बताने जा रहें हैं। पृथ्वी की सबसे गहरी जगह का नाम है Mariana Trench। मेरियाना ट्रेंच सबसे गहरी समुद्री खाई है। जो इतनी गहरी है की पूरा माउंट एवेरेस्ट भी अगर इसमें डूबा दिया जाये तो भी एवेरेस्ट की छोटी और पानी की सतह के बीच लगभग दो किलोमीटर की दुरी बच जाएगी। अब सवाल ये उठता है की समुद्र की इतनी गहराई में जहाँ सूरज की किरणें तक नहीं पहुँचती क्या वहाँ जीवन संभव है ? बने रहिये हमारे साथ, इस सवाल का जवाब हम वीडियो में आगे देखेंगे जब हम आपको एक चौंका देने वाला मेरियाना ट्रेंच का वीडियो क्लिप दिखाएंगे

कहाँ है मेरियाना ट्रेंच (Mariana trench location )

मेरियाना ट्रेंच फिलीपीन्स के समीप स्तिथ मेरियाना आइलैंड से लगभग दो सौ किलोमीटर यानी एक सौ छब्बीस मील पूर्व दिशा में पैसिफिक ओशन /प्रशांत महासागर में है।

Mariana trench depth आखिर कितनी गहरी है दुनिया की सबसे गहरी समुद्री खाई?

अगर आपके मन में भी ये सवाल हमेशा से उमड़ता रहा है की कितना गहरा है समुद्र तो इसका जवाब आपको मिलेगा मेरियाना ट्रेंच की गहराई को जानकार। जो Deepest point on earth है। आपको जान कर आश्चर्य होगा की मेरियाना ट्रेंच की गहराई बारह हज़ार मीटर यानि बारह किलोमीटर है। जैसे वीडियो में पहले हमने माउंट एवेरेस्ट की ऊंचाई से ट्रेंच की गहराई की तुलना की थी उसी तरह की एक और मज़ेदार कम्पेरिशन हम आपके साथ शेयर करना चाहेंगे। आसमान में उड़ान भरते कॉमर्शियल हवाई जहाज़ों को तो आपने देखा होगा ये जहाज़ धरती से लगभग ग्यारह किलोमीटर की ऊंचाई पे उड़ान भरते हैं। उदहारण के लिए अगर हम कल्पना करें की मेरियाना ट्रेंच धरती है और समुद्र आकाश जहाँ हवाई जहाज़ ११ किलोमीटर ऊपर उड़ान भर रहे हैं तो भी उन जहाज़ों को पानी कि सतह पर आने के लिए एक और किलोमीटर तय करना होगा ।

क्या कोई मनुष्य जा पाया है मेरियाना ट्रेंच के तल तक?

इससे पहले की आप कुछ और सोचें आपको ये बता देना चाहतें हैं की इस वक़्त स्कूबा डाइविंग का वर्ल्ड रिकॉर्ड मिस्र के अहमद गबर के पास है जिन्होंने विश्व का सबसे गहरा गोता लगाया है जो 332.35 m तीन सौ बत्तीस दशमलव तीन पांच मीटर यानी दशमलव तीन तीन दो किलोमीटर का था। अब आपको लग रहा होगा यहाँ किसी भी मनुष्य का जाना संभव ही नहीं है ….क्यों लग रहा है ना। हम आपको बताते हैं समुद्र की गहराई को चार ज़ोन्स में बांटा गया है। सतह से ३ किलोमीटर तक लिट्टोरल और बेथीयल जोन होतें है सतह से ३ से ६ किलोमीटर के बीच एबिसमल जोन होता है और ६ किलोमीटर से अधिक गहराई में हेडल जोन होता है जिसका नाम ग्रीक गॉड हैडिस के नाम पर रखा गया है। आपको बता दें हैडिस ग्रीक माइथोलॉजी के हिसाब से समुद्रलोक(UNDERWORLD ) के भगवन थे जिन्होंने अपनी प्रजा को कभी भी समुद्रलोक छोड़ कर ना जाने का आदेश दिया था। हेडल जाने को डेड जोन भी कहा जाता है क्योंकि यहाँ कोई चीज़ जीवित नहीं रह सकती। कारण अथाह सामुद्रिक दबाव। इसी जोन में मेरियाना ट्रेंच भी आता है। अब आप यहाँ के दबाव या प्रेशर का इसी बात से अंदाजा लगा सकतें हैं की अगर आप यहाँ खड़े हुए तो आप पर १२ किलोमीटर ऊँचे पानी के कॉलम का दबाव होगा। शरीर के हर एक वर्ग इंच पर आठ टन का दबाव। चलिए इसे समझने के लिए और सरल कर देते हैं अगर एक मानव मेरियाना ट्रेंच में खड़ा होता है तो उसपे ५ जंबो जेट विमानों का दाब होगा। क्या इतने दबाव के बावजूद वहां कोई मनुष्य जीवित रह सकता है जवाब है …… नहीं। पर वो कहतें हैं न अगर आदमी करना चाहे तो कुछ भी असंभव नहीं होता। आपने टाइटैनिक और अवतार फिल्म के डायरेक्टर जेम्स कैमेरॉन के बारे में तो सुना ही होगा। इन महाशय ने अपनी १२ टन वजनी हाई टेक पनडुब्बी जो समुद्र के दाब को झेलने के लिए ख़ास तौर पे बनायीं गयी थी, के साथ अकेले मरीना ट्रेंच की यात्रा की थी। सिर्फ यात्रा नहीं की थी बल्कि पूरी फिल्म बना कर लौटे थे। वह भी 3D में, बहुत सहीं पकड़े कैमरॉन साहब।

कैमेरॉन साहब तो वहां पहुँच गए पर उस जगह उन्हें क्या मिला ?

१ वर्ग इंच में जहाँ ८ टन का दाब हो क्या वहां जीवन मिला होगा ?

क्या जेम्स कैमेरॉन को वहां सिर्फ हेडल जोन का सामुद्रिक मरुस्थल मिला ? आगे जानतें हैं

मेरियाना ट्रेंच कुदरत का करिश्मा

फिल्म जुरैसिक पार्क का एक बहुत फेमस डायलॉग है ,”Life finds a way”, परिस्थितियां कितनी भी ख़राब हो, जीवन जितना भी कठिन हो, पर ज़िन्दगी अपना रास्ता खोज लेती है। मेरियाना ट्रेंच में भी यही हुआ है ,जिंदगी ने अपना रास्ता खोज लिया है। बायोलॉजिकल अडेपटेशन के कारण यहाँ पाए जाने वाले जीवों में ऐसी शारीरिक संरचनाएं विकसित हुईं जो न सिर्फ अथाह दबाव झेल सकने में सक्षम है बल्कि इन्हें एक अच्छा शिकारी भी बनाती हैं।
चूँकि ये जीव अधिक दबाव में रहने के लिए ही अनुकूलित हैं इसलिए ये कभी ऊपर नहीं आ पाते और हेडल जोन पार करते ही कम दबाव के कारण मर जाते हैं। आपको ग्रीक गॉड हैडिस और ग्रीक माइथोलॉजी वाली कहानी तो याद है ना…… ।मेरियाना ट्रेंच में काफी अजीबों गरीब जीव पाए जातें हैं पर अगर आप एलियन और मेगालोडॉन जैसे जीवों तलाश में हैं, तो आपको निराशा ही होगी। यहाँ मेगालोडॉन जैसे विशालकाय जीव तो नहीं पनप सकते कम से कम अभी की हमारी जानकारी के हिसाब से तो नहीं लेकिन बैरल फिश, सी डेविल एंगलर फिश और गॉब्लिन शार्क जैसे ख़ौफ़नाक जीव ज़रूर मिलते हैं।
ये सारे जीव घुप अँधेरे में भी घातक शिकार करने में सक्षम होतें हैं। बैरल फिश अपने पार दर्शी सर और निराली आई लेन्सेस की संरचना के लिए जानी जाती है। बैरेल फिश किसी भी दिशा में देख सकती है। सी डेविल एंगलर फिश अपने सर पे रौशनी फेकने वाला एक बायोलॉजिकल यन्त्र लेकर घूमती है जिससे शिकार आकर्षित होतें हैं। सी डेविल की बनावट काफी ख़ौफ़नाक होती है। सबसे खूंखार और घातक है गॉब्लिन शार्क जिसके जबड़ों की बनावट बेमिसाल है। आपने सत्तर और अस्सी के दशक की एलियन फिल्म तो देखी ही होगी। उन फिल्मों में एक एलियन था … ज़ीनोमोर्फ। लगता है फिल्म के डायरेक्टर रिडली स्कॉट ने गॉब्लिन शार्क के जबड़ों की संरचना से प्रेरित होकर ज़ीनोमोर्फ के खौफनाक पात्र को बनाया था। गॉब्लिन शार्क १८ फ़ीट तक हो सकती है और पाया गया है की जितनी बूढी होती है उतना गहरा गोता लगा पाती है। विशेष निचले जबड़े की बनावट और अँधेरे में देखने की क्षमता इसे मेरियाना ट्रेंच की सबसे खूंखार शिकारी बनाती है।

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