मिस्र का विशाल रहस्यमयी भूमिगत भँवरजाल Labyrinth of Egypt

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विश्व की विभिन्न संस्कृतियों में प्रचलित दंत कथाओं में धरती के गर्भ में बसे अलौकिक नगरों का वर्णन उपस्थित है। इन भूमिगत शहरों में गोपनीय कक्षों से लेकर , गुप्त देवालय और प्राचीन काल के कुछ महापुरुषों की समाधियाँ या मक़बरे भी हैं…. जिनका उल्लेख अज्ञात कारणों से इतिहास के पन्नों में से मिटा दिया गया   satellite imaging technology के आने के बाद  उपग्रहों द्वारा खींची गयी तस्वीरेँ  भी इन प्राचीन भूमिगत शहरों का पता नहीं लगा पायीं   हम तो ये जानते हैं की इन शहरों का निर्माण किसने किया और  ही ये की किसलिए किया।  आज हम अपने पाठकों और यूट्यूब के दर्शकों दोनों के लिए लेकर आये हैं ऐसे ही एक भूमिगत शहर की जानकारी। 

Labyrinth of Egypt एक ऐसी विशाल अंडरग्राउंड भूल भुलैया है , जिसका उल्लेख प्राचीन काल के प्लीनी और हीरोडोटस जैसे प्रसिद्ध लेखकों ने किया है।  इस रहस्यमयी भँवरजाल के बारे ये मान्यता है की ये उन १२ राजाओं की सामूहिक कब्रगाह है जिन्होंने इस भँवरजाल का अपने अपने काल में निर्माण करने में योगदान दिया साथ ही , ये उन पवित्र  मगरमछों की भी आरामगाह है , जिन्हे प्राचीन मिस्र के लोग अलौकिक जीव मानकर पूजते थे। 

Labyrinth of Egypt को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इस प्राचीन भूलभुलैया की अंतहीन दीवारों पर Hieroglyphs याने चित्रलिपियों के माध्यम से प्राचीन मिस्र का संपूर्ण गुप्त ज्ञान , लुप्त आविष्कार गुम हो चुकी विधाओं का वर्णन है।  जो अपने आप में किसी अजूबे से कम नही। 

२५०० वर्ष पूर्व  हिरोडोटस ने Labyrinth को देखने की इच्छा जताई थी तो उन्हें तात्कालिक Egyptian इंचार्ज की उपस्थिति में अनुमति दी गयी।  उन्होंने अपने अनुभव अपने लेखों में बताये। हिरोडोटस के वर्णन के अनुसार Labyrinth of Egypt एक दो मंज़िला भूमिगत ईमारत थी जिसमे लगभग ३००० कक्ष थे आधे पहली मंज़िल पे आधे दूसरी मंजिल पे। हिरोडोटस ने कहा उन्हें जरा भी नहीं लगा की ये अंडरग्राउंड  शहरनुमा विशालकाय ईमारत मानव निर्मित हो सकती है। 

उन्होंने लिखा की उन्हें सिर्फ पहली मंज़िल पे ही रोक दिया गया दूसरी पे जाने की अनुमति नहीं दी गयी।  हिरोडोटस की Egypt यात्रा को २५०० हो चुके हैं और समय  धूल की चादर में Egypt की ये धरोहर कही दब सी गयी है या यूं कहें की मिस्र की गवर्नमेंट के द्वारा दबा दी गयी है। आज बाहरी दुनिया को मिस्र के इस भँवरजाल की सटीक लोकेशन की कोई जानकारी नहीं है सिर्फ अटकलें ही लगायी जा सकती हैं।   २००८ में मताहा एक्सपीडिशन के रिसर्चर्स ने हवारा नामक एक मिस्री पिरामिड जो की  Egypt के Mataha सिटी में स्थित है के पास एक बहोत बड़ी खोज की। 

उन्हें स्कैनिंग के दौरान ज़मीन के कई फ़ीट नीचे बहोत विशालकाय शिला के होने के संकेत मिले।  साथ ही उन्हें कई हज़ार कक्षों की उपस्थिति के प्रमाण मिले।  बिना खुदाई किये मिली इस अद्भुत अन्वेषण की जानकारी उन्होंने सार्वजनिक कर दी जो की उनकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई मिस्र के Secretary General of the Supreme Council of Antiquities ने Egyptian National Security sanctions का हवाला देते हुए इस बहोत बड़ी खोज को दबा दिया। 

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